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A.T.Zakir

मैं अपने सभी शुभचिन्तकों, पाठकों, मित्रों का आभार व्यक्त करता हूँ जिनके प्रेम ने मुझे फिल्म नगरी मुंबई की फिल्म राईटर्स एसोसिएशन (F.W.A.), की सदस्यता तक पहुंचा दिया जो हिंदी फिल्मों व टी.वी. धारावाहिकों के प्रतिष्ठित पटकथा लेखकों को मिलती है |

 

   

The Wonderful World of A.T.Zakir

(For International & English Readers)

 

 

Email: atzakir@gmail.com 

 

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स्वागतम्


ए.टी.ज़ाकिर का रचना संसार

 

 

इस वेबसाइट पर श्री ए.टी.ज़ाकिर की लिखी कहानियाँ, कविताएँ, लेख, अनुवाद आदि आपको “रचना संसार” नामक पृष्ट पर विभिन्न केटेगरी में मिलेंगी | “रचना संसार” पृष्ठ left side में दिया हुआ है |

 

“मैं कौन हूँ”, “लेखन के बीज”, “कड़वा सच”, “मील के पत्थर” और “अनकही” आदि श्री ए.टी.ज़ाकिर के जीवन के वह सच हैं जो उन्होंने आत्मकथा शैली में अपने प्रशंसकों के लिये लिखे हैं | ये सच्ची घटनाएँ होते हुए भी इतनी अधिक रोचक ढंग व शैली में लिखी गयी हैं कि उन्हें पढ़ने पर ऐसा लगता है जैसे हम कोई कहानी पढ़ रहें हों |

ए.टी.ज़ाकिर 

                                                ए.टी.ज़ाकिर 

 

ए.टी.ज़ाकिर का रचना संसार वह मंच है जहाँ एक ही स्थान पर पाठक और प्रशंसक श्री ए.टी.ज़ाकिर की कहानियाँ, कविताएँ, अनुवाद व लेख पढ़ सकते हैं |

 

 

ए.टी.ज़ाकिर ने हत्या, रहस्य व रोमाँच, अपराध, प्रेम और मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर कहानियाँ लिखी हैं | उन्होंने संसार की कुछ श्रेष्ठ अपराध कथाओं व उपन्यासिकाओं को हिंदी में अनुदित करके हिंदी के पाठकों को अभीभूत कर दिया है |

 

 

हास्य और व्यंग्य का लेखन श्री ए.टी.ज़ाकिर का मनपसन्द क्षेत्र रहा है | निसंदेह इस क्षेत्र में उन्होंने अपने युग के अन्य रचनाकारों का डट कर मुक़ाबला किया है और स्तरीय लेखन पाठकों को दिया है | हास्य-व्यंग्य लिखते समय श्री ज़ाकिर की क़लम किसी सर्जन के चाकू के समान सही समय पर व सही स्थान पर काट-पीट करती है | इस ऑपरेशन को करते समय क्या हिंदी का हास्य व्यंग्य या उर्दू का तंज़ और मज़ाहिया दोनों ही स्थानों पर और दोनों ही भाषाओं में उनके क़लम की धार देखते ही बनती है |

 

 

यहाँ हमें यह भी याद रखना होगा कि श्री ए.टी.ज़ाकिर की पकड़ उर्दू भाषा पर काफ़ी अच्छी व गहरी है, जबकि आश्चर्य का विषय यह है कि उन्हें उर्दू भाषा लिखनी या पढ़नी बिलकुल भी नहीं आती है | बात साफ़ है कि भले ही इस लेखक ने उर्दू भाषा को तरतीबवार नहीं पढ़ा है किन्तु इस भाषा का उनका शब्द ज्ञान बहुत बड़ा और सटीक है | शायद यही कारण है कि भाषा को न जानते हुए भी उसका प्रयोग उन्होंने चमत्कारी ढंग से किया है | परिणाम स्वरुप उन्होंने हिंदी लिपि का प्रयोग करते हुए उर्दू भाषा में कुछ अच्छी कहानियाँ और शायरी की है |

 

 

हृदय को छू लेने वाली कविताएँ और उनकी शायरी भी इस वेबसाइट पर उपलब्ध है |

 

 

दूसरे शब्दों में कहा जाय तो यों कहना होगा कि 1962 से लेकर आज तक के ए.टी.ज़ाकिर की साहित्यिक यात्रा पर सहयात्री बन कर उनके लेखन को जीने और समझने के लिये आपका स्वागत है | ए.टी.ज़ाकिर का रचना संसार उस साहित्यिक यात्रा का यात्रा-वृतांत है जो यात्रा 1962 में प्रारम्भ हुई थी और आज तक जारी है |

--फिर सोचना क्या है ? अपनी पसंद का पेज खोलिये और साहित्य के इस सागर में छलांग लगा लीजिये !

आपके सुझावों व प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा हमें रहेगी |

 

 

ए.टी.ज़ाकिर का ब्लॉग

 

2013-07-30 / 14:13:39

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